Definition of visually impaired children
दृष्टि दोष की परिभाषा को हम दृष्टि दोष के रूप में करते हैं आंखों की दृष्टि योग्यता से अभिप्राय है कि वह उस वस्तु को कितनी दूर से स्पष्ट रूप से देख सकता है।
दूर दृष्टि दोष का परीक्षण स्नेलन चार्ट द्वारा किया जाता है। इस चार्ट का निर्माण डॉक्टर हरबर्ट स्नेलन ने किया था । इस चार्ट का पहला अक्षर E होता है। सामान्य दृष्टि बाला स्कोर 200 फुट की दूरी से पढ़ लेता है अगर कोई इसे केवल 20 फुट की दूरी से पड़ सकता है तो उसे 20/200 का दृष्टि दोष है। इस चार्ट का प्रयोग दूरदृष्टि मापने के लिए किया जाता है।
शैक्षिक दृष्टि से पूर्ण दृष्टि दोष बालक उनको कहा जाता है जो केवल ब्रेल लिपि या फिर सुनकर ही पढ़ सकते हैं।
दृष्टि दोष बालकों को दो प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है।
1.वैधानिक या कानूनी परिभाषा legal or Medical definition.
2. शैक्षिक परिभाषा Educational definition
Legal or Medical : इस परिभाषा में दृष्टि दोष का पता लगाया जाता है और यह निर्धारित किया जाता है कि कोई व्यक्ति इसका वैधानिक लाभ उठा सकता है या नहीं।
In 1934 American medical Association give following definition – कि व्यक्ति नंगी आंखों से किसी वस्तु को कितनी दूरी से देख सकता है। दृष्टि दोष दूर दृष्टि से माना जाता है न कि निकट दृष्टि से। दूरदृष्टि दोष स्नेलन चार्ट के द्वारा मापा जाता है ।
कानूनी दृष्टि से पूर्ण बंधित उन्हें मानते हैं।
•जिनकी दृष्टि क्षमता सुधार के पश्चात 20/200 तथा इससे कम हो।
•अथवा जिनकी दृष्टि का क्षेत्र सीमित हो और सुधार के पश्चात 20 डिग्री का कोण बनाती हो।
Educational definition: अधिकतर यह देखने में आता है कि दृष्टि दोष व्यक्तियों में पूर्ण अंधों की संख्या कम होती है कानूनी दृष्टि से अंधे व्यक्ति की दृष्टि नहीं होती। कानूनी परिभाषा की एक सीमा है। अधिकतर लोग शैक्षिक परिभाषा का समर्थन करते हैं।
शैक्षिक दृष्टि से लोग बुरी तरह से इस दोष से पीड़ित हैं जिन्हें बोलकर या ब्रेल लिपि द्वारा ही पढ़ाया जा सकता है। वह दृष्टि दोष कहलाते हैं। जो आंशिक रूप से दृष्टि दोष वाले लोग होते हैं उन्हें मोटे प्रिट बाली किताबों से पढ़ाया जा सकता है। भारत सरकार के समाज कल्याण मंत्रालय ने 1987 में दृष्टि दोष बालकों को इस प्रकार परिभाषित किया है।
• जो अपनी दृष्टि खो चुके हों ।
• दृष्टि दोष 6/60 या 20/200 से अधिक ना हो।
• दृष्टि का क्षेत्र सीमित हो और 20 डिग्री का कोण बनाता हो।
उपयुक्त परिभाषाओ के आधार पर हम कह सकते हैं कि दृष्टि दोष बालक वह बालक है जो किसी वस्तु को 20 फुट की दूरी से नहीं पढ़ सकता जिसे सामान्य बालक 200 फुट की दूरी से आसानी से पड़ सकता है। हम इस बालक को दृष्टि दोष बालक कहेंगे उसका दृष्टि दोष 20/200 है।
कुछ बच्चे जन्म से ही अंधे होते हैं तथा कुछ बच्चे बाद में जैसे गलत दवाई का प्रयोग, चोट लगना, दुर्घटना होना या लापरवाही से बारूद आदि के प्रयोग से अंधे हो जाते हैं। कुछ बच्चे बिल्कुल नहीं देख सकते तथा कुछ बच्चे ग्लासेस आदि कि सहायता से देख सकते हैं।
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